धमतरी
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक छात्र ने शिक्षकों पर चाकू से हमला कर दिया है। छात्र को शिक्षकों ने पढ़ाई पर ध्यान देने की बात कही थी, जिससे वह गुस्से में था। हमला करने के बाद छात्र चाकू लेकर फरार है। पुलिस उसकी तलाश है। जुनैद अहमद नाम के 35 वर्षीय शिक्षक के सिर, गर्दन और पीठ पर कई वार किए हैं। उनकी हालत गंभीर है।
शिक्षकों ने मोबाइल से दूर रहने की बात कही
यह घटना एक निजी स्कूल में हुई। पुलिस के अनुसार, छात्र ने हाल ही में किसी अज्ञात कारण से दूसरे स्कूल से ट्रांसफर लिया था। उसकी पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था। शिक्षक उसे पढ़ाई पर ध्यान देने और मोबाइल फोन से दूर रहने की सलाह देते रहते थे लेकिन वह नहीं मानता था।
मना करने वाला शिक्षक से नाराज था छात्र
17 साल का यह छात्र खास तौर पर अहमद सर से नाराज था। अहमद सर ने उसे स्कूल में मोबाइल फोन लाने से मना किया था और सजा देने की चेतावनी दी थी। अहमद सर उसे नियमित रूप से स्कूल आने और पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए भी कहते थे। लड़के ने अपनी नाराजगी किसी दोस्त से साझा नहीं की। लेकिन अहमद सर ने पुलिस को बताया कि उन्हें शक था कि लड़का उन पर हमला करने का मौका ढूंढ रहा था। उन्होंने लड़के को चार-पांच दिनों से अपने घर के आसपास घूमते देखा था। एक अन्य शिक्षक ने अहमद को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी घायल हो गया।
बैग में लेकर आया चाकू
गुरुवार को लड़का अपने बैग में चाकू छिपाकर स्कूल आया था। इससे पता चलता है कि उसने हमले की योजना बनाई थी। जब क्लास खत्म हुई और शिक्षक और छात्र बस में चढ़ रहे थे, तो लड़के ने चाकू निकाला और पीछे से अहमद सर पर वार कर दिया। छात्र डर के मारे इधर-उधर भागने लगे।
बचाने में दूसरे शिक्षक भी घायल
पुलिस के अनुसार, कुलप्रीत सिंह नाम के एक अन्य शिक्षक ने अहमद को बचाने की कोशिश की, लेकिन लड़के ने उन पर भी हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि सिंह लड़के को रुकने के लिए कहते रहे, लेकिन वह अहमद पर वार करता रहा।
छात्र की तलाश जारी
फिर खून से सने चाकू के साथ लड़का वहां से भाग गया। दोनों घायल शिक्षकों को उनके साथियों ने अस्पताल पहुंचाया। सिंह के हाथ में एक वार हुआ था और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। लेकिन अहमद की हालत गंभीर है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश कर रही है। जांचकर्ता उसके माता-पिता से बात कर रहे हैं ताकि यह समझ सकें कि उसने इतनी हिंसक प्रतिक्रिया क्यों दी।
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल
पुलिस अभी भी आरोपी छात्र की तलाश में जुटी है। यह घटना स्कूल की सुरक्षा और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल खड़े करती है। आजकल बच्चों में बढ़ते गुस्से और हिंसा की प्रवृत्ति चिंता का विषय है। माता-पिता और शिक्षकों को मिलकर इस समस्या का समाधान ढूंढना होगा। बच्चों को गुस्सा नियंत्रित करने और समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान ढूंढने के तरीके सिखाने होंगे। स्कूलों में काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि बच्चे अपनी परेशानियों को किसी से साझा कर सकें।

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