भोपाल
काली कमाई के आरोप में जेल में बंद मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा, उसके करीबी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल की मुसीबतें और बढ़ने वाली हैं। लोकायुक्त पुलिस के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहता है। ईडी ने इसके लिए सोमवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष न्यायालय में आवेदन किया है। मामले में न्यायालय मंगलवार को सुनवाई करेगा। सुनवाई के दौरान जेल अभिरक्षा से सौरभ, चेतन और शरद को भी प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
प्रोडक्शन वारंट पर ईडी को कोर्ट से रिमांड मिलती है।
इसके बाद तीनों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की जाएगी।
बता दें कि इसके पहले भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष न्यायालय से अनुमति लेकर ईडी ने जेल में तीनों से पूछताछ की थी।
तीनों से अलग-अलग लगभग छह-छह घंटे पूछताछ की गई।
चेतन और शरद के अतिरिक्त खुद सौरभ से उसकी अघोषित संपत्तियों के बारे में पूछताछ की गई।
बताया जा रहा है कि तीनों ने रटा-रटाया जवाब ही दिया है। सबसे बड़ा प्रश्न लोकायुक्त छापे के अगले दिन में कार में मिला 54 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये नकदी को लेकर था।
पूछताछ में तीनों ने साफ कह दिया कि सोना और नकदी उनकी नहीं है।
बता दें कि यह सोना चेतन सिंह गौर की कार में मिला था।
चेतन ने सभी जांच एजेंसियों से पूछताछ में कहा है कि कार का उपयोग सौरभ और उसके कार्यालय के कर्मचारी कर रहे थे।
ईडी की पूछताछ पूरी होने के बाद आयकर विभाग भी कोर्ट से अनुमति लेकर इनसे पूछताछ करेगा।

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