February 21, 2026

असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से यह सवाल भी पूछा कि अगर हम पाकिस्तान को पानी नहीं देंगे तो उसे कहां स्टोर करेंगे

नई दिल्ली
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पहलगाम आतंकी हमले पर केंद्र सरकार की सख्त प्रतिक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि अब वक्त है कि पाकिस्तान को ठोस और निर्णायक जवाब दिया जाए। उन्होंने सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे साहसिक कदम बताया। साथ ही उन्होंने सरकार से यह सवाल भी पूछा कि अगर हम पाकिस्तान को पानी नहीं देंगे तो उसे कहां स्टोर करेंगे।

ओवैसी ने कहा, “पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों को शरण दी जाती है, सरकार को अब किसी संकोच के बिना कार्रवाई करनी चाहिए। हम सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन सवाल है कि पानी को कहां संग्रहित करेंगे?”

ओवैसी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून भारत को आत्मरक्षा में वायु और समुद्री नाकेबंदी करने का अधिकार देता है और भारत को हथियारों की बिक्री पर प्रतिबंध जैसे कठोर कदम भी उठाने चाहिए। हालांकि, इस दौरान ओवैसी ने बेसरान घास के मैदान में CRPF की अनुपस्थिति और QRT (त्वरित प्रतिक्रिया दल) के एक घंटे की देरी से पहुंचने पर सवाल उठाए। उन्होंने इस हमले को टारगेटेड और सांप्रदायिक करार दिया।

ओवैसी ने कहा, "हमलों के दौरान लोगों से उनका धर्म पूछकर गोली मारी गई। ये सामान्य आतंकवाद नहीं, सांप्रदायिक हिंसा है।" उन्होंने कश्मीरियों और घाटी के छात्रों के खिलाफ झूठा प्रचार बंद करने की अपील की। साथ ही जोर देकर कहा कि आतंकवादियों की कड़ी निंदा जरूरी है, लेकिन निर्दोष लोगों को निशाना बनाना नहीं।

बैठक में शामिल रहे नेता जेपी नड्डा, एस जयशंकर, किरण रिजिजू, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने भी आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहने का संकल्प लिया। आपको बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम के लोकप्रिय पर्यटन स्थल में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। हमले की जिम्मेदारी TRF (The Resistance Front) ने ली है, जिसे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा माना जाता है।