नई दिल्ली
अमेरिका की वीजा चाहने वालों के लिए बड़ी खबर है। उन्हें वीजा का आवेदन करते समय पिछले पांच सालों के सोशल मीडिया अकाउंट्स से जुड़ी सारी जानकारी देनी होगी। वरना उनका आवेदन रद्द हो सकता है और अमेरिका जाने का सपना टूट सकता है। भारत में अमेरिकी दूतावास ने गुरुवार को वीजा आवेदकों से पृष्ठभूमि जांच के लिए पिछले पांच वर्षों के सभी सोशल मीडिया यूजरनेम और हैंडल का खुलासा करने को कहा है। दूतावास ने कहा कि इसका उल्लंघन करने पर वीजा खारिज किया जा सकता है और भविष्य में भी वीजा के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
अमेरिकी दूतावास ने एक्स पर एक बयान में कहा, "वीजा आवेदकों को डीएस-160 वीजा आवेदन पर पिछले 5 वर्षों के दौरान उपयोग में लाए गए सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स, यूजरनेम या हैंडल्स को सूचीबद्ध करना जरूरी है।" बयान में यह भी कहा गया है कि आवेदक फॉर्म पर हस्ताक्षर करने और उसे जमा करने से पहले प्रमाणित कर लें कि उनके वीजा आवेदन में दी गई जानकारी सही है।
गोपनीयता सेटिंग सार्वजनिक करने की सलाह
इसमें कहा गया है कि अगर आवेदक ने किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट के बारे में कोई भी जानकारी छिपाई तो उसका आवेदन कभी भी रद्द किया जा सकता है। भारत में अमेरिकी दूतावास ने एक्स पर लिखा, "तत्काल प्रभाव से, F, M या J गैर-आप्रवासी वीजा के लिए आवेदन करने वाले सभी व्यक्तियों से अनुरोध है कि वे अपने सभी सोशल मीडिया खातों की गोपनीयता सेटिंग्स को सार्वजनिक कर दें, ताकि अमेरिकी कानून के तहत संयुक्त राज्य अमेरिका में उनकी पहचान और स्वीकार्यता स्थापित करने के लिए आवश्यक जांच की जा सके।"
ट्रंप का राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता पर फोकस
यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उन कोशिशों का हिस्सा है जो राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता के मद्देनजर वीजा नियमों को कठिन बना रहे हैं। इससे पहले सोमवार को, अमेरिकी विदेश विभाग ने छात्र वीजा आवेदनों की प्रक्रिया फिर से शुरू करने के ऐलान के बाद अमेरिकी दूतावास ने सभी छात्र वीज़ा आवेदकों से पृष्ठभूमि जांच के लिए अपने सोशल मीडिया खातों को जानकारी सार्वजनिक करने को कहा था।
एक अन्य बयान में अमेरिकी दूतावास ने यह भी चेतावनी दी कि जो लोग अवैध रूप से देश में प्रवेश करेंगे, उन्हें जेल की सजा और निर्वासन का सामना करना पड़ेगा। यह बयान दूतावास के ‘एक्स’ हैंडल पर साझा किया गया। इसमें कहा गया, ‘‘अमेरिका आव्रजन कानूनों को सख्ती से लागू कर रहा और अवैध विदेशियों को निकाल रहा है। अमेरिका में अवैध प्रवेश के परिणामस्वरूप हिरासत, निर्वासन का सामना करना पड़ेगा और भविष्य में वीजा पात्रता पर गंभीर असर पड़ेगा।’’

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