गोरखपुर
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा 2023 में चयनित महिला सिपाहियों की ट्रेनिंग इन दिनों पीटीएस में चल रही है। डीआईजी ने सभी महिला प्रशिक्षु के गर्भधारण जांच कराने का फरमान जारी किया था। जिसमें अविवाहित महिला प्रशिक्षु भी शामिल थी। यह आदेश जैसे ही सामने आया विवाद खड़ा हो गया। इस आदेश कहा गया था कि यदि कोई आरक्षी गर्भवती है तो उससे शपथ पत्र लेकर अगले बैच में भेजा जाए।
विवाद के बाद आदेश निरस्त
सीएमओ को पत्र भेजकर पीटीएस के डीआईजी ने महिला रिक्रूट्स की प्रेग्नेंसी जांच कराने के लिए कह दिया था। यह मामला जैसे ही पुलिस मुख्यालय पहुंचा तो आनन-फानन में इस पत्र निरस्त करने स्पष्ट निर्देश दिए गए। जिसमें कहा गया है कि जांच अनिवार्य नहीं है। गोरखपुर में महिला सिपाहियों के लिए पुलिस लाइन, पीएसी और पीटीएस में आरटीसी बनाई गई है।
बता दें कि प्रशिक्षण को लेकर स्पष्ट निर्देश दिया था कि अगर कोई महिला रिक्रूट गर्भवती है तो उससे शपथ पत्र लेकर उसका प्रशिक्षण अगले बैच में कराया जाए। असल में डीआईजी रोहन पी ने गर्भवती महिला प्रशिक्षु को ट्रेनिंग से अलग करने की सरकारी नीति के तहत सभी 513 महिला प्रशिक्षुओं के गर्भधारण जांच का आदेश दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी चंद्र प्रकाश ने तुरंत कार्रवाई की और आदेश निरस्त कर दिया।

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