हिंदू धर्म में हर माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है. इस दिन व्रत किया जाता है. साल में कुल 12 पूर्णिमा पड़ती है, जिसमें हर पूर्णिमा तिथि का अपना अलग महत्व बताया गया है. भाद्रपद माह की पूर्णिमा को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. इस दिन भगवान विष्णु जी की पूजा-अर्चना की जाती हैं और चंद्रदेव को अर्घ्य अर्पित किया जाता है.
पूर्णिमा तिथि हिंदू कैलेंडर के अनुसार 15वां दिन होता है. भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि इसलिए भी विशेष होती है क्योंकि यह हिंदू वर्ष की छठवीं पूर्णिमा होती है और इस दिन से पितृपक्ष की शुरुआत होती है. साल 2025 में भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि 7 सितंबर 2025, रविवार के दिन पड़ रही है.
भाद्रपद पूर्णिमा 2025
भाद्रपद पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय का समय शाम 06 बजकर 26 मिनट रहेगा.
भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि का महत्व
पूर्णिमा का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है. इस दिन व्रत, पूजा, दान आदि विशेष महत्व है. इस दिन स्नान, दान को श्रेष्ठ माना गया है. इस दिन दान, व्रत, कथा और भगवान विष्णु का पूजन करने से शुभ फल प्राप्त होता है. पूर्णिमा तिथि के दिन विशेष रूप से इस दिन सत्यनारायण व्रत की जाती है.
भाद्रपद पूर्णिमा 2025 पर तुलसी उपाय
भाद्रपद पूर्णिमा के दिन सुबह तुलसी पूजा करने से जीवन में विष्णु जी की कृपा बनी रहती है साथ ही मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं.
इस दिन तुलसी पूजन का संकल्प लें, तुलसी के पौधे में जल को अर्पित करें और घी का दीपक जलाएं.
तुलसी की परिक्रमा करें,
इस दिन तुलसी माला का जाप करें, और साथ में इस मंत्र को बोलें, ‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’.इस जाप को करने से पारिवारिक समस्याओं का समाधान होता है.
पूर्णिमा की रात्रि को आप भगवान विष्णु को खीर का भोग लगा सकते हैं. भोग में तुलसी दल को उसमें शामिल जरूर करें. ऐसा करने से सुख-शांति का आगमन होता है और मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है.
तुलसी माता को सोलह श्रृंगार अर्पित करें, ऐसा करने से सुहाग बना रहता है.

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