नई दिल्ली
अमेरिका इमिग्रेशन नीति में बदलाव करने की पूरी तैयारी में है। इसे लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर सख्त होते नजर आ रहे हैं। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, यहां की नई आव्रजन नीति तैयार की जा रही है। इसमें ट्रंप प्रशासन के यात्रा प्रतिबंध के तहत ग्रीन कार्ड और अन्य दर्ज लाभों को लेकर कुछ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। अमेरिकी मीडिया आउटलेट न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, होमलैंड सुरक्षा विभाग (डीएचएस) के आंतरिक मसौदों में अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) अधिकारियों को निर्देश दिया जाएगा कि वे ग्रीन कार्ड, शेल्टर, पैरोल और अन्य आव्रजन लाभों के लिए आवेदनों का मूल्यांकन करते समय यात्रा-प्रतिबंधित देशों से आने वाले किसी व्यक्ति की राष्ट्रीयता को नकारात्मक फैक्टर मानेंगे। इसका मतलब यह हुआ कि अमेरिका ने जिन देशों के खिलाफ यात्रा प्रतिबंध लगा रखा है, वहां के लोगों के लिए ग्रीन कार्ड के लाभ को सीमित कर दिया जाएगा। हालांकि, यह परिवर्तन अमेरिकी नागरिकता के आवेदनों पर लागू नहीं होगा। फिलहाल, यूएससीआईएस सामुदायिक संबंधों, आपराधिक इतिहास और मानवीय आवश्यकताओं जैसी बातों पर विचार करता है।
इसी साल जून में अमेरिका ने 12 देशों पर ट्रैवल बैन लगाया था। इसमें अफगानिस्तान, चाड, रिपब्लिक ऑफ कांगो, इक्वेटोरियल गिनी, इरीट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, म्यांमार, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल हैं।
इसके अलावा अमेरिका ने सात देशों बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला पर आंशिक प्रतिबंध लगा रखा है। इसके तहत यहां के नागरिक अमेरिका में स्थायी रूप से प्रवेश नहीं कर सकते या कुछ विशेष वीजा प्राप्त नहीं कर सकते।
हालांकि, नई इमिग्रेशन नीति की फिलहाल आधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अगर ऐसा होता है, तो प्रतिबंधित देशों के लिए ग्रीन कार्ड पाना मुश्किल हो जाएगा।
यह नीति कानूनी आव्रजन पर ट्रंप की कार्रवाई में एक बड़ी तेजी लाएगी। इसकी वजह से नागरिक अधिकार समूहों की ओर से नई कानूनी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।

More Stories
पन्नू हत्याकांड: निखिल गुप्ता को 40 साल की जेल का सामना, 29 मई को सजा का ऐलान
ईरान पर हमलों के खिलाफ पाकिस्तान में प्रदर्शन, रक्षा मंत्री ने जताई चिंता—‘जंग हमारे लिए खतरनाक’
United States Embassy की एडवाइजरी: जॉर्डन और यरुशलम की यात्रा से बचने की चेतावनी