भोपाल
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा (MP Boards 2026) के परिणामों का प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से परीक्षा पैटर्न में बदलाव किया है। नए परीक्षा पैटर्न का ब्लू प्रिंट मंडल की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है, जिससे छात्र अभी से अपनी तैयारी नए स्वरूप के अनुसार शुरू कर सकें।
इस संबंध में मंडल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्राचार्यो को ऑनलाइन बैठक के माध्यम से जानकारी दी। नए पैटर्न (MP Boards 2026 Exam Pattern) के अनुसार अब दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों का प्रतिशत बढ़ाकर 40 फीसदी कर दिया गया है। पहले ये प्रतिशत 25 फीसदी था। इससे छात्रों को लंबे-लंबे उत्तर लिखने की बाध्यता कम होगी और परीक्षा अपेक्षाकृत सरल हो सकेगी। मंडल का मानना है कि इस बदलाव से विद्यार्थियों के पास होने की संभावना बढ़ेगी और परीक्षा परिणामों में सुधार होगा।
हाईस्कूल और हायर सेकंडरी मूल्यांकन व्यवस्था यथावत
मंडल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार हाईस्कूल और हायर सेकंडरी में मूल्यांकन व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। सामान्य विषयों में 80 अंक सैद्धांतिक और 20 अंक प्रायोगिक के लिए निर्धारित रहेंगे, जबकि प्रायोगिक विषयों में 70 अंक सैद्धांतिक और 30 अंक प्रायोगिक के लिए रहेंगे। बोर्ड परीक्षा में पास होने के लिए न्यूनतम 33 फीसदी अंक की व्यवस्था पहले की तरह लागू रहेगी।
इस तरह होगा प्रश्नपत्र का नया ढांचा
अब सभी विषयों के सैद्धांतिक प्रश्नपत्रों में 40 फीसदी वस्तुनिष्ठ (objective question), 40 फीसदी विषय आधारित और 20 फीसदी वर्णनात्मक प्रश्न शामिल होंगे। हालांकि व्यावसायिक, एनएसक्यूएफ और डीएलएड पाठ्यक्रमों में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया गया है। इसके अलावा भारतीय संगीत विषय में भी प्रश्नपत्रों के स्वरूप को अलग किया गया है। सत्र 2021-22 से कक्षा 9वीं और 11वीं में तथा सत्र 2022-23 से कक्षा 10वीं और 12वीं में गायन-वादन और तबला-पखावज के लिए अलग-अलग प्रश्नपत्र लागू किए गए हैं। नए पैटर्न से छात्रों को परीक्षा की तैयारी में स्पष्ट दिशा मिलेगी और बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बढ़ेगी।

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