March 18, 2026

विपक्ष पर मुख्यमंत्री का तीखा प्रहार, पहले था पहचान का संकट, अब विकास और विश्वास का नया उत्तर प्रदेश

लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था, लेकिन आज वही प्रदेश विकास, सुशासन और विश्वास का नया मॉडल बनकर उभरा है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों की नीतियों ने युवाओं, किसानों और आम जनता को निराशा के सिवा कुछ नहीं दिया। पहले भर्तियों में पारदर्शिता का अभाव था और भ्रष्टाचार चरम पर था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “नौकरी निकलते ही महाभारत के सारे रिश्ते वसूली के लिए निकल पड़ते थे,” जिससे प्रतिभाशाली युवा हताश होकर या तो पलायन करते थे या खुद को कोसने पर मजबूर होते थे। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था के तहत लाखों युवाओं को रोजगार देने का काम किया है।

सीएम ने विपक्ष पर समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने जाति और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया, जिससे प्रदेश का समग्र विकास बाधित हुआ। हमारी सरकार ने 25 करोड़ जनता को एक परिवार मानकर कार्य किया और दलितों, वंचितों, अति पिछड़ों व गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया।

धार्मिक आस्था के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले भगवान राम और भारतीय परंपराओं को “अंधविश्वास” बताते थे, आज वही अयोध्या और काशी के विकास को देख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आस्था का सम्मान ही उत्तर प्रदेश की पहचान है और सरकार ने इसे पुनर्स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने केवल समस्याओं को चिह्नित नहीं किया, बल्कि उन्हें समाप्त कर प्रदेश को “बॉटलनेक” की स्थिति से निकालकर “ब्रेकथ्रू” की दिशा में आगे बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसी तरह के सामूहिक प्रयासों से उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था के रूप में और मजबूत होकर उभरेगा।