रायपुर.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नई आबकारी नीति 2026-27 को हरी झंडी दे दी गई है। इस नीति का मुख्य केंद्र बिंदु राजस्व में वृद्धि और व्यापार करने की सुगमता (Ease of Doing Business) है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में नई शराब दुकानें नहीं खोली जाएंगी, लेकिन मौजूदा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और लाभप्रद बनाया जाएगा। नए नियमों के अनुसार, अब शराब की आपूर्ति से पहले ही टैक्स का भुगतान अनिवार्य होगा, जिससे सरकारी खजाने में समय पर राजस्व सुनिश्चित हो सकेगा।
रायपुर एयरपोर्ट पर बार और लाइसेंस फीस में राहत
पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए सरकार ने रायपुर एयरपोर्ट पर ‘विमानपत्तन रेस्टोरेंट बार’ (FL-3 घ) शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया है। इसके साथ ही, होटल, क्लब और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए लाइसेंस फीस में उल्लेखनीय कटौती की गई है। इस रियायत का उद्देश्य (CG New Excise Policy) राज्य में निवेश आकर्षित करना और आतिथ्य सत्कार क्षेत्र को मजबूती देना है। हालांकि, बार संचालन के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है; यह पहले की तरह सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक ही संचालित होंगे।
प्लास्टिक बोतलों में मिलेगी शराब
पर्यावरण और सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक बड़ा बदलाव पैकेजिंग में किया गया है। अब छत्तीसगढ़ में देसी और विदेशी शराब कांच की बोतलों के बजाय प्लास्टिक की बोतलों में बेची जाएगी। विभाग का तर्क है कि कांच की बोतलों के टूटने से हर साल करोड़ों का नुकसान होता है और इससे कर्मचारियों के घायल होने का खतरा भी बना रहता है। प्लास्टिक पैकेजिंग से परिवहन आसान होगा और स्टोरेज की लागत में कमी आएगी। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में अनिवार्य रूप से लागू हो जाएगा।
महंगी होगी शराब: नया टैक्स स्लैब लागू
शराब प्रेमियों के लिए खबर थोड़ी कड़वी हो सकती है क्योंकि नई नीति में आबकारी ड्यूटी बढ़ा दी गई है। विशेष रूप से विदेशी और प्रीमियम ब्रांड्स (CG New Excise Policy) पर अब ‘रिटेल सेल प्राइस’ (RSP) के आधार पर टैक्स लगेगा। जितनी महंगी बोतल होगी, उस पर उतना ही अधिक ड्यूटी टैक्स देना होगा। बीयर और रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) पेय पदार्थों पर भी नई दरें लागू की गई हैं। सरकार का मानना है कि उच्च श्रेणी के ब्रांड्स पर टैक्स बढ़ाने से राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी होगी, जबकि सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए ड्यूटी की न्यूनतम दरें बरकरार रखी गई हैं।
प्रशासनिक सुधार और निगरानी
नई नीति के तहत प्रशासनिक शक्तियों में भी बदलाव किया गया है। अब कंपोजिट लाइसेंस जारी करने का अधिकार सीधे आबकारी आयुक्त के पास होगा, जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी। साथ ही, अवैध शराब की तस्करी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।

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