March 7, 2026

BJP विधायक कालूहेड़ा की सीएम हाउस में खिंचाई, बोले- अब सिंहस्थ के कामों में करूंगा सहयोग

भोपाल.

मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के बीच अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन की धमकी देने वाले बीजेपी विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के सुर बदल गए हैं। सड़क चौड़ीकरण को लेकर जनता के साथ सड़क पर उतरने का दावा करने वाले विधायक को शुक्रवार देर रात भोपाल बुलाकर मुख्यमंत्री और प्रदेश संगठन ने कड़ी फटकार लगाई। शीर्ष नेताओं की क्लास के बाद कालूहेड़ा ने अपने बयानों पर खेद जताया और अब सिंहस्थ के कार्यों में पूर्ण सहयोग देने का वादा किया है।

सीएम हाउस में लगी स्पेशल क्लास
उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा द्वारा पिपलीनाका क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ दिए गए बयानों को सरकार और संगठन ने अनुशासनहीनता माना। शुक्रवार देर रात भोपाल में बड़ी हलचल रही। पहले विधायक ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह से मुलाकात की, जिसके बाद उन्हें सीधे मुख्यमंत्री निवास (CM House) ले जाया गया। यहाँ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में बाधा डालने और सार्वजनिक बयानबाजी करने पर कड़ी नाराजगी जताई। सरकार और संगठन ने विधायक को दो-टूक शब्दों में समझाया कि सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों में कोई भी बाधा या सार्वजनिक विरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सड़क चौड़ीकरण से जुड़ा विवाद
विवाद की शुरुआत उज्जैन के पिपलीनाका और भैरवगढ़ रोड से हुई। यहाँ सिंहस्थ के मद्देनजर नगर निगम ने सड़क चौड़ीकरण के लिए करीब 410 घरों को 7 दिन के भीतर खाली करने का नोटिस दिया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि चौड़ीकरण से उनके आशियाने और रोजी-रोटी उजड़ जाएगी। उज्जैन उत्तर से विधायक कालूहेड़ा ने जनता के बीच जाकर वादा किया था कि वे 24 मीटर से ज्यादा सड़क चौड़ी नहीं होने देंगे और अगर बुलडोजर चला तो वे खुद जन आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।

जनता का आक्रोश और विधायक की मजबूरी
नगर निगम के नोटिस के बाद आक्रोशित जनता ने विधायक कार्यालय का घेराव किया था। लोगों की भावनाओं को देखते हुए विधायक ने अधिकारियों पर मुख्यमंत्री को गलत जानकारी देने का आरोप लगाया था। उन्होंने यहाँ तक कह दिया था कि वे जनता की भावनाओं का सम्मान नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि, संगठन की सख्ती के बाद अब उन्होंने अपने रुख में बदलाव किया है।

अब सिंहस्थ के कामों में सहयोगी रहूंगा
आलाकमान की सख्ती के बाद विधायक के तेवर ढीले पड़ गए। फटकार के बाद विधायक ने कहा, "मैं अब सिंहस्थ के कामों में सहयोगी रहूंगा। मैंने अपने बयानों पर खेद जताया है। प्रशासन बस इतना ध्यान रखे कि जनता से चर्चा करके ही निर्णय लिए जाएं।" इस बयान के बाद स्पष्ट है कि पिपलीनाका रोड चौड़ीकरण का रास्ता अब साफ हो गया है और सरकार अपने तय प्लान के अनुसार आगे बढ़ेगी।