जशपुर।
जशपुर जिले में नन्हे-मुन्ने बच्चों की देखभाल और उनके बौद्धिक विकास के लिए एक नई पहल की गई है। कलेक्टर रोहित व्यास के मार्गदर्शन में महिला बाल विकास विभाग ने जिले के जशपुर परियोजना के तहत बच्चों के लिए पालना केंद्र की शुरुआत की है।
इस पालना केंद्र का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पालन-पोषण, शिक्षा और खेलकूद जैसी सुविधाएं प्रदान करना है। यहां बच्चों को न केवल प्यार और देखभाल मिलती है, बल्कि उनकी शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि यह केंद्र खासतौर पर उन बच्चों के लिए बनाया गया है जिनके माता-पिता कामकाजी हैं या जिनके लिए विशेष देखभाल की आवश्यकता है। उन्होंने बाल अधिकारों पर जोर देते हुए कहा कि हर बच्चे को एक सुरक्षित और खुशहाल वातावरण में बड़ा होने का हक है। महिला बाल विकास विभाग की जिला अधिकारी ने बताया कि पालना केंद्र बच्चों के लिए एक संरक्षित स्थान है, जहां वे खेल-खेल में सीखते हैं और स्वस्थ जीवन की दिशा में आगे बढ़ते हैं। यह पहल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी। मीडिया कलेक्टिव फॉर चाइल्ड राइट्स(MCCR) के संभागीय समन्वयक संतोष कुमार ने इस नई पहल को बाल अधिकारों और बच्चों के संरक्षण की दिशा में जशपुर के बच्चों को बेहतर सुविधाएं देने और उज्ज्वल भविष्य बनाने के लिए बड़ा उदाहरण बताया। इससे उन शिशुओं को संस्कार मिलेगा जो माता-पिता के सम्पर्क में रहते हुए पालना में सीखते हैं।

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