रायपुर
धान खरीदी के मामले में छत्तीसगढ़ ने नया रिकॉर्ड बनाया है. इस बार राज्य में रिकॉर्ड 105.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुईहै, जिसमें 17.77 लाख किसानों के खातों में सरकार ने 23,448 करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया है. यह आंकड़े 13 जनवरी तक की खरीदी और भुगतान के हैं, जबकि अभी धान खरीदी का काम चालू है. ऐसे में छत्तीसगढ़ में धान के बंपर उत्पादन से खरीदी और भुगतान के पिछले सारे रिकॉड टूट गए हैं. खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में यह नया रिकॉर्ड धान खरीदी का बन गया है.
धान खरीदी पर सख्त
वहीं सरकार की तरफ से बताया गया कि धान खरीदी को लेकर पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस अनियमितता पर 33 अधिकारियों को नोटिस अब तक भेजा गया है, जबकि 33 हजार क्विंटल धान को छत्तीसगढ़ में जब्त भी किया गया है. सरकार की तरफ से बताया गया कि रिकॉर्ड मात्रा में खरीदी और रिकॉर्ड राशि का वितरण यह बताता है कि धान खरीदी में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई का असर दिखा है. एफआईआर और निलंबन की कार्रवाई भंडारण और निराकरण की प्रक्रिया पूरी तरह तकनीकी निगरानी में की गई है. ताकि किसानों को धान खरीदी का पूरा फायदा मिल सके.
यदि पिछले वर्षों के 13 जनवरी तक के आंकड़ों से तुलना की जाए तो सरकार की यह उपलब्धि और भी स्पष्ट रूप से सामने आती है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 13 जनवरी तक 17,49,003 किसानों से 72.15 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹13,550 करोड़ का भुगतान हुआ था। वर्ष 2021-22 में इसी अवधि तक 17,09,834 किसानों से 68.77 LMT धान खरीदा गया था, जिसके बदले ₹13,410 करोड़ किसानों को दिए गए थे।
खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में 13 जनवरी तक 22,14,302 किसानों से 97.67 LMT धान की खरीदी की गई थी और ₹20,022 करोड़ का भुगतान हुआ था। इन सभी वर्षों की तुलना में वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की मात्रा और किसानों को वितरित की गई राशि – दोनों ही उच्चतम स्तर पर पहुँच चुकी हैं।
आंकड़ों से स्पष्ट है कि जहां 2020-21 में 72.15 LMT, 2021-22 में 68.77 LMT और 2022-23 में 97.67 LMT धान खरीदा गया था, वहीं 2025-26 में मात्र 13 जनवरी तक ही 105.14 LMT धान खरीदा जा चुका है, जो अपने-आप में एक नया रिकॉर्ड है। इसी तरह किसानों को मिलने वाली राशि भी सीधे बढ़कर ₹23,448 करोड़ तक पहुँच गई है।
किसानों के खातों में पहुंचा भरोसे का पैसा
राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चलाई जा रही धान खरीदी व्यवस्था का नतीजा है. किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बेचने का भरोसा मिला और भुगतान में किसी तरह की देरी नहीं हुई. यही कारण है कि किसान बिना किसी चिंता के अपनी उपज सरकारी केंद्रों तक लेकर पहुंचे.
कहीं आगे निकला यह सीजन
अगर पिछले कुछ सालों से तुलना करें तो यह उपलब्धि और भी बड़ी नजर आती है. साल 2020-21 में 13 जनवरी तक जहां करीब 72 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी और 13,550 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था, वहीं 2021-22 में यह आंकड़ा और भी कम रहा. 2022-23 में जरूर सुधार देखने को मिला था, लेकिन तब भी 97.67 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 20,022 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था. इन सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए मौजूदा सीजन ने नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं.
पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा
इस बार की धान खरीदी में सबसे अहम भूमिका पारदर्शी व्यवस्था और समयबद्ध भुगतान की रही है. सरकार ने साफ संदेश दिया कि हर पात्र किसान का एक-एक दाना खरीदा जाएगा और उसकी पूरी कीमत समय पर मिलेगी. यही वजह है कि किसानों में सरकार के प्रति भरोसा मजबूत हुआ है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिली है.
लापरवाही पर सख्ती, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
सरकार ने केवल खरीदी और भुगतान पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि भंडारण और प्रबंधन में गड़बड़ी करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की है. पिछले कुछ सालों में जहां भी धान भंडारण में कमी या लापरवाही पाई गई, वहां संबंधित अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों को नोटिस दिए गए, निलंबन हुआ और कुछ मामलों में FIR भी दर्ज की गई. इससे साफ संदेश गया कि किसानों की मेहनत के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई ताकत
धान खरीदी से सीधे तौर पर गांवों में नकदी का प्रवाह बढ़ा है. किसानों के पास अब रबी फसल के लिए बीज, खाद और अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए संसाधन हैं. स्थानीय बाजारों में भी रौनक लौटी है. सरकार का मानना है कि इसी तरह की नीतियों से किसान आत्मनिर्भर बनेंगे और छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था आने वाले सालों में और मजबूत होगी.
31 जनवरी तक चलेगी खरीदी
बता दें कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 31 जनवरी तक चलने वाली है, ऐसे में अभी किसानों के पास पूरे 16 दिन है, जहां समर्थन मूल्य पर सरकार की तरफ से धान खरीदी की जाएगी, छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया 15 नवंबर 2025 से शुरू हुई थी, जो 31 जनवरी तक चलने वाली है. इस बार किसानों के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा और समय पर भुगतान राशि का प्रावधान किया गया है. इस बार धान खरीदी को सुगम बनाने के लिए सरकार की तरफ से कई तरह की पारदर्शिताएं भी रखी गई है, जबकि किसानो के लिए तकनीक का इस्तेमाल भी किया गया है.
बता दें कि अभी 31 जनवरी तक धान की खरीदी होनी है, ऐसे में धान खरीदी के मामले में छत्तीसगढ़ और रिकॉर्ड बना सकता है, क्योंकि फाइनल आंकड़ें आने के बाद यह तय होगा कि कितनी खरीदी हुई और कितना भुगतान हुआ है.

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