रोहतक
हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए 5 अक्टूबर को वोटिंग होनी है। वोटिंग से 3 दिन पहले जेल से डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। सुबह करीब साढे 6 बजे वो रोहतक की सुनारिया जेल से यूपी के बागपत स्थित बरनावा आश्रम के लिए रवाना हो गया। डेरा प्रमुख को सशर्त 20 दिन की परोल मिली है। राम रहीम को पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच सुनारियां जेल से बाहर लाया गया। सुबह छह बजे से ही जेल के बाहर हलचल बढ़ गई थी और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया था। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राम रहीम को परोल दिए जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है।
कांग्रेस ने इस मामले में चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा था कि इस वक्त राम रहीम को परोल देना उचित नहीं है, विधानसभा चुनाव पर इसका असर पड़ सकता है। इन सबके बीच देर रात हरियाणा सरकार ने राम रहीम की रिहाई के आदेश जारी कर दिए। प्रशासन ने बताया कि जेल मैनुअल के अनुसार, राम रहीम को नियमों के तहत पैरोल दी गई है, जो इस वर्ष की बची हुई परोल में से 20 दिन की है।
कांग्रेस ने क्यों जताई आपत्ति
परोल पर राम रहीम की रिहाई को लेकर चर्चा यह भी है कि विधानसभा चुनावों में लाभ के लिए उन्हें रिहा किया गया है। हालांकि, उनकी परोल शर्तों के साथ है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वह पैरोल अवधि के दौरान हरियाणा में नहीं रहेंगे और न ही सोशल मीडिया पर सक्रिय रहेंगे। अगर इन शर्तों का उल्लंघन होता है, तो उनकी परोल तुरंत रद्द कर दी जाएगी।
इन मामलों में दोषी है राम रहीम
बता दें कि राम रहीम को अदालत ने 2017 में अपनी दो शिष्याओं के साथ बलात्कार के मामले में दोषी ठहराते हुए 20 साल कारावास की सजा सुनाई थी। इसके अलावा, कोर्ट ने राम रहीम और तीन अन्य लोगों को 16 साल से अधिक समय पहले एक पत्रकार की हत्या के लिए भी दोषी ठहराया था।

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