आकर्षण एक ऐसी चुंबक है जिसके मोहजाल में फंसकर व्यक्ति सम्मोहित हो जाता है। कुछ लोगों में ये शक्ति ऊपर वाले की देन होती है। कुछ लोग देखने में तो साधारण होते हैं लेकिन अपने मीठे बोल से किसी पर भी अपना प्रभाव बना लेते हैं। आचार्य चाणक्य कहते हैं-
प्रियवाक्यप्रदानेन सर्वे तुष्यन्ति जन्तव:। तस्मात्तदेव वक्तव्यं वचने का दरिद्रता।।
अर्थ : मधुर वचन सभी को संतुष्ट करते हैं इसलिए सदैव मृदुभाषी होना चाहिए । मधुर वचन बोलने में कैसी दरिद्रता ? जो व्यक्ति मीठा बोलता है, उससे सभी प्रसन्न रहते हैं।।17।।
भावार्थ : आचार्य चाणक्य ने प्रस्तुत श्लोक के माध्यम से बताया है कि मधुर भाषण में सम्मोहन शक्ति होती है। मधुर भाषण सभी पर प्रभाव डालता है।
इसके अतिरिक्त तंत्र के कुछ ऐसे उपाय हैं, जिन्हें अपनाकर आप खुद में अनोखी आकर्षण शक्ति पैदा कर सकते हैं-
नए कार्य के लिए जा रहे हैं तो काली हल्दी का टीका लगाकर जाएं। यह टीका आपकी सफलता में मददगार साबित होगा। जो जातक तिलक के ऊपर चावल लगाता है लक्ष्मी उस जातक के आकर्षण में बंध जाती है और सदा उसके अंग-संग रहती है।
नाभि में इत्र, परफ्यूम या सुगंध लगा कर सामने वाले को अपने आकर्षण में बांधा जा सकता है।
साफ-सुथरे रेशमी कपड़े में मोर पंख को बांधकर जेब में रखें, लोग आपके प्रति मोहित होंगे।
बांस का पौधा ऊर्जा के संयंत्र घर और जीवन में आकर्षण निर्धारित करता है। बागान में जितने अधिक डंठल के पौधे होंगे। जातक को उतनी अच्छी किस्मत और भाग्य का आशीर्वाद मिलेगा। आप अपने घर में सद्भाव को प्राप्त करने के लिए भाग्यशाली बांस का उपयोग कर सकते हैं। यह सकारात्मक ऊर्जा पैदा करता है। इसे घर में रखने का सर्वश्रेष्ठ स्थान पूर्व दिशा है और कार्यालय में दक्षिण क्षेत्र है।'

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