इंदौर
हरदा में 13 लोगों की मौत के जिम्मेदार पटाखा फैक्टरी के मालिक राजेश अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। किडनी की बीमारी से पीडि़त अग्रवाल ने किडनी ट्रांसप्लांट के लिए जमानत के लिए आवेदन लगाया था।
अग्रवाल को छह माह बाद फिर सरेंडर करना होगा। पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद आठ माह से अग्रवाल जेल में बंद था। अग्रवाल के अलावा चार अन्य आरोपी भी गिरफ्तार हुए थे। उसकी जमानत के खिलाफ हरदा कलेक्टर रिव्यू पिटिशन दायर करने की तैयारी कर रहे है। आरोपी अग्रवाल के परिजन कोलकता में किडनी ट्रांसप्लांट कराना चाहते है।
गिरफ्तारी के दो माह बाद हो गया था भर्ती
राजेश अग्रवाल किडनी की बीमारी से पीडि़त है। जब उसे गिरफ्तार किया था, तब भी उसने किडनी की बीमारी के बारे में बताया था। गिरफ्तारी के दो माह बाद वह भोपाल के अस्पताल में भर्ती हो गया था। डिस्चार्ज होने के बाद उसे फिर जेल भेजा गया। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत मंजूर करने के साथ यह कहा है कि ट्रांसप्लांट होने के बाद अगले वर्ष अप्रैल माह तक उसे सरेंडर करना होगा।
पीडि़त परिवारों को नहीं मिला घर
फैक्टरी विस्फोट के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना के दस से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। मकान में रहने वाले चार लोगों की मौत भी हुई थी। इसके अलावा 8 अन्य लोग विस्फोट के कारण मृत हुए।
टूटे मकानों के लोग आठ माह से आईटीआई बिल्डिंग में बने कैम्प में रह रहे है। उनके आवासों की अभी तक मरम्मत नहीं हो पाई है। छह फरवरी को हरदा की फैक्टरी में विस्फोट हुआ था। मलबा आधा किलोमीटर तक उड़ कर गया था। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हुई थी और डेढ़ सौ से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

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