March 3, 2026

माँ बम्लेश्वरी धाम में बढ़ाएं सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था, चैत्र नवरात्रि मेले को लेकर कलेक्टर ने दिए निर्देश

डोंगरगढ़.

माँ बम्लेश्वरी मंदिर में 19 मार्च 2026 से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्रि मेले को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में श्रद्धालुओं और पदयात्रियों की सुविधा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तृत रणनीति तय की गई। बैठक में विधायक हर्षिता बघेल और पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने कहा कि नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु डोंगरगढ़ पहुंचते हैं, ऐसे में उनकी सुविधा के लिए पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई और यातायात की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मेले के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और व्यवस्थित पार्किंग पर विशेष जोर दिया गया। अंजोरा से अछोली तक सेवा पंडाल लगाने, जहां श्रद्धालुओं को विश्राम, चाय-नाश्ता और भोजन की सुविधा उपलब्ध हो, इसके निर्देश भी दिए गए।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर चिकित्सा विभाग को ओआरएस घोल, आवश्यक दवाइयों और मरहम-पट्टी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। मंदिर के ऊपर और नीचे डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती रहेगी। पदयात्रियों के पैरों में छाले जैसी समस्याओं को देखते हुए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था विशेष रूप से रखने के निर्देश दिए गए हैं। कानून-व्यवस्था के मद्देनजर मेला स्थल और मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत निगरानी की जाएगी, साथ ही क्विक रिस्पांस टीम भी सक्रिय रहेगी। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में संकेतक, रेडियम पट्टी और अस्थायी गति अवरोधक लगाए जाएंगे। असामाजिक तत्वों पर सख्त नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रोपवे के फिटनेस सर्टिफिकेट और मेंटेनेंस की समीक्षा की गई तथा ट्रस्ट से आवश्यक जानकारी ली गई। खाद्य सुरक्षा विभाग को मिष्ठान्न और अन्य खाद्य पदार्थों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। डोंगरगढ़ को प्लास्टिक मुक्त रखने और मंदिर परिसर व सीढ़ियों पर विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। मेले की संपूर्ण व्यवस्था के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय कर व्यवस्थाओं की निगरानी की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आस्था के इस महापर्व में श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।