रायपुर
कालीबाड़ी चौक में लगी इंदिरा गांधी की प्रतिमा को सड़क से हटाकर किनारे किया जाएगा. इसके पीछे वजह शहर के चौहारों में लगे सिग्नल को बंद किया जाना है, जहां अब ट्रैफिक रोटेटरी से ही कंट्रोल किया जाएगा.
शहर को सिग्नल फ्री करने के लिए जिन चौक-चौराहों में सिग्नल की जरूरत नहीं है, उसे बंद किया जा रहा है. इन चौराहों का ट्रैफिक कंट्रोल रोटेटरी से किया जा रहा है. इसी कड़ी में कालीबाड़ी चौक में लगे सिग्नल को भी जल्द बंद किया जाएगा.
शहर में अभी देवेंद्रनगर चौक, भारतमाता चौक, शंकरनगर चौक, महिला थाना चौक, मोवा चौक, बंजारी चौक, देवेंद्रनगर ओवरब्रिज के नीचे वाला चौक समेत दस जगहों का ट्रैफिक रोटेटरी से ही कंट्रोल किया जा रहा है. आने वाले दिनों में इसकी संख्या और बढ़ाई जाएगी. करीब छह चौराहों की और पहचान की गई है, जहां का ट्रैफिक रोटेटरी से ही कंट्रोल किया जाएगा.
शहर में अभी जहां-जहां रोटेटरी लगाई गई है वहां कुछ समस्या भी आ रही है. लोगों को रोटेटरी में चलने की आदत नहीं होने की वजह से लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं. अभी चौराहों पर लोगों को जहां से जगह मिल रही है, वे वहीं से ही अपनी गाड़ी गुजार देते हैं. इससे पीछे से आने वाले वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी होती है.
ट्रैफिक पुलिस अफसरों का कहना है कि ऐसे लोगों को ई-चालान भेजकर जुर्माना किया जा रहा है. रोटेटरी लगने के बाद लोग उसी तरह ट्रैफिक नियमों का पालन करना है जैसा वो सिग्नल चालू रहने के दौरान करते हैं. कहीं से भी गाड़ी को न निकाला जाए. जो नियम है उसी के तहत ही चौक पार किया जाए.
शास्त्री और घड़ी चौक सबसे अंतिम में
शहर के व्यस्त चौराहों में सबसे आखिर में सिग्नल बंद कर रोटेटरी लगाई जाएगी. अफसरों की माने तो जयस्तंभ चौक, शास्त्री और नगर घड़ी चौक में सबसे आखिर में रोटेटरी लगाई जाएगी. क्योंकि इन चौराहों पर सबसे ज्यादा वाहनों का दबाव रहता है. लोगों को रोटेटरी में चलने की आदत पड़ जाए इसलिए पहले उन जगहों पर सिग्नल बंद किया गया, जहां ट्रैफिक का दबाव कम रहता है.
सिग्नल फ्री की दिशा में काम शुरू
रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह बताते हैं कि शहर को सिग्नल फ्री करने अभी जहां ट्रैफिक का दबाव कम है, वहां रोटेटरी लगाकर ट्रैफिक कंट्रोल किया जा रहा है. इसके अलावा जहां सिग्नल की जरूरत नहीं है, उन्हें बंद भी कर रहे हैं. शहर के ट्रैफिक को स्मूथ करने कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है.

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