इंदौर
सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर कुल 38 खाद्य नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित डेयरी, नमकीन और मिठाई प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया और मौके से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि होली तक यह विशेष अभियान लगातार जारी रखा जाए। अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने लिए जाएं, ताकि मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
किस संस्थान पर क्या कार्रवाई की गई
नंदलालपुरा स्थित शिवशक्ति दूध दही भंडार से दूध और दही के 2 नमूने लिए गए। जवाहर मार्ग, नंदलालपुरा सब्जी मंडी के जैन नमकीन भंडार से लौंग सेव का 1 नमूना लिया गया। सपना स्वीट्स (इमली बाजार) से मिठाई के 2 तथा अजय स्वीट्स (सादर बाजार) से दूध कतली और मिल्क केक के 2 नमूने जांच के लिए भेजे गए।
इमली बाजार स्थित किशनलाल मायाराम पुरोहित प्रतिष्ठान से मिल्क केक, मावा, मावा पेड़ा, बेसन चक्की और पनीर सहित 5 नमूने लिए गए। यहां साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिलने पर सुधार सूचना पत्र जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। पिपलियाहाना के फार्मर्स मिल्क कार्ट से पनीर, दही और मावा के 3 नमूने लिए गए।
विधाता स्वीट्स एंड डेयरी (इमली बाजार) से मावा, मिल्क केक, मावा कतली और मावा टिकिया के 4 नमूने, अग्रवाल स्वीट्स प्रोडक्ट प्रा. लि. (स्कीम नंबर 140) से पेड़ा, बेसन लड्डू और काजू कतली के 3 नमूने लिए गए।
ममता डेरी फार्म (148 सादर बाजार) से दही, पनीर और घी के 3 नमूने, आनंद श्री नमकीन एंड स्वीट्स (मरीमाता चौराहा) से मिल्क केक और मलाई टिकिया के 2 नमूने लिए गए। ओम नमकीन (दिलपसंद ग्रीन, स्कीम नंबर 140) से ड्राई फ्रूट चक्की, रतलामी सेव और खट्टा-मीठा नमकीन के 3 नमूने एकत्र किए गए।
गुरु कृपा मिल्क एंड फूड (ब्रह्मबाग कॉलोनी, मरीमाता चौराहा) से घी, पनीर और दही के 3 नमूने लिए गए। राजेश दूध दही भंडार से दूध और दही के 2 तथा जैन मिठाई भंडार (ग्रेटर बृजेश्वरी, पिपलियाहाना) से मिल्क केक, बेसन चक्की और काजू कतली के 3 नमूने जांच हेतु भेजे गए।
प्रशासन की सबसे बड़ी कार्रवाई इमली बाजार और नंदलालपुरा क्षेत्र में देखी गई। किशनलाल मायाराम पुरोहित के यहाँ जांच दल को न केवल मावा और पनीर के संदिग्ध नमूने मिले, बल्कि वहां फैली गंदगी देख अधिकारी भड़क गए, जिसके बाद संचालक को तत्काल सुधार का नोटिस थमाया गया। इमली बाजार की ही विधाता स्वीट्स और सपना स्वीट्स से भी मावे की कतली और मिठाइयों के सैंपल लिए गए। वहीं, नंदलालपुरा की शिवशक्ति डेयरी और जैन नमकीन भंडार पर भी जांच टीम ने औचक निरीक्षण कर शुद्धता की पड़ताल की।
:: शहर के पॉश इलाकों में भी प्रशासन की धमक; जेएमबी और अग्रवाल स्वीट्स रडार पर ::
मिलावट के विरुद्ध यह अभियान केवल पुराने शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पॉश कॉलोनियों में भी प्रशासन की धमक सुनाई दी। टीम ने अग्रवाल स्वीट्स प्रोडक्ट (स्कीम 140), जेएमबी (ग्रेटर बृजेश्वरी) और ओम नमकीन जैसे बड़े आउटलेट्स पर भी दस्तक दी। यहाँ से काजू कतली, बेसन चक्की और रतलामी सेव जैसे उत्पादों के नमूने लिए गए। सदर बाजार की अजय स्वीट्स और ममता डेयरी से घी व मावे के सैंपल लिए गए, जबकि मरीमाता चौराहे पर आनंद श्री और गुरु कृपा मिल्क पार्लर पर भी प्रशासनिक कड़ाई देखने को मिली। इन सभी नमूनों को पूरी पारदर्शिता के साथ सील कर विस्तृत जांच की प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
:: रिपोर्ट आते ही होगी सख्त जेल; मिलावटखोरों को कलेक्टर की सीधी चेतावनी ::
कलेक्टर शिवम वर्मा ने साफ कर दिया है कि नागरिकों की सेहत के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं होगा। लिए गए सभी 38 नमूनों को विशेष माध्यम से राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि रिपोर्ट में मिसब्रांडेड या अनसेफ सामग्री पाई जाती है, तो संबंधित संचालकों पर भारी जुर्माने के साथ-साथ सीधे वैधानिक कार्रवाई यानी एफआईआर भी की जाएगी। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे खरीदारी करते समय पैकेट पर निर्माण तिथि, एफएसएसएआई नंबर और शुद्धता का विशेष ध्यान रखें ताकि त्योहारों का आनंद सुरक्षित बना रहे।
कलेक्टर ने बैठक लेकर दिए निर्देश
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बुधवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर स्पष्ट किया कि अमानक खाद्य सामग्री बेचने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। विभिन्न विभागों के संयुक्त दल गठित कर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जाएगी।
आगामी त्योहारों को देखते हुए विशेष अभियान चलाया जाएगा। एफएसएसएआई के रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन सिस्टम (RBIS) के तहत हाई-रिस्क प्रतिष्ठानों का प्राथमिकता से निरीक्षण किया जा रहा है। अब तक दर्ज मामलों के अलावा आगे भी दोषियों के खिलाफ तत्काल प्रकरण दर्ज किए जाएंगे।
बैठक में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता या मिलावट संबंधी शिकायतों के लिए उपभोक्ता 0731-181 तथा 0755-2840621 पर कॉल कर जानकारी दे सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनियमितता की सूचना तत्काल दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

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