इजराइल
इजराइल ने एक बार फिर गाजा पर हमला शुरू कर दिया है, जिससे अब तक 900 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इस क्रूर कार्रवाई के कारण पूरी दुनिया में इजराइल की आलोचना हो रही है। इसके साथ ही इजराइल सरकार ने गाजा से फिलिस्तीनियों को हटाने के लिए एक विशेष एजेंसी बनाने की भी घोषणा की है, जिसने मुस्लिम देशों के बीच नाराजगी की लहर पैदा कर दी है।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग का कड़ा बयान
इजराइल की इन नीतियों से परेशान होकर मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) ने एक कड़ा बयान जारी किया है। इस बयान में इजराइल द्वारा फिलिस्तीनियों को विस्थापित करने की योजना की कड़ी निंदा की गई है। साथ ही, वेस्ट बैंक में 13 अवैध बस्तियों को अलग करने के फैसले को भी अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया गया है। मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने महासचिव शेख डॉ. मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इस्सा का बयान साझा किया। इस बयान में उन्होंने कहा कि, "यह इजराइली कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानूनों का बर्बर उल्लंघन है।" उन्होंने यह भी जोर दिया कि ऐसे कदम शांतिपूर्ण समाधान की संभावनाओं को खत्म कर रहे हैं और क्षेत्रीय व वैश्विक स्थिरता के लिए बाधा बन रहे हैं।
अरब-इस्लामिक मंत्रिस्तरीय समिति की रणनीति
अरब-इस्लामिक मंत्रिस्तरीय समिति ने इजराइल पर दबाव बनाने के लिए एक रणनीति तैयार की है। काहिरा में यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख काजा कलस के साथ बैठक के दौरान, समिति ने गाजा में युद्धविराम टूटने पर चिंता व्यक्त की और इजराइली हमलों की आलोचना की।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग क्या है?
मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जो मुस्लिम देशों और समुदायों के बीच एकता और सहयोग बढ़ाने का काम करता है। इस संगठन की स्थापना 1962 में सऊदी अरब के मक्का में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य इस्लामिक मूल्यों का प्रचार-प्रसार करना, मुस्लिमों के अधिकारों की रक्षा करना और वैश्विक स्तर पर शांति बनाए रखना है।

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