जगदलपुर.
बोर्ड परीक्षा के बाद अब कॉपियों के मूल्यांकन में पारदर्शिता पर जोर है। जगदलपुर के बस्तर हाईस्कूल में मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। शुरुआत से पहले शिक्षकों को नियमों और सावधानियों की विस्तृत ब्रीफिंग दी गई। अब मूल्यांकन के दौरान मोबाइल और स्मार्ट गैजेट्स पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। शिक्षकों को रोजाना कम से कम 40 उत्तर पुस्तिकाएं जांचना अनिवार्य किया गया है।
दो पालियों में मूल्यांकन होगा, बीच में आधे घंटे का ब्रेक मिलेगा। पहले दिन शिक्षकों को 5-5 कॉपियों से प्रक्रिया की शुरुआत कराई गई। करीब 1.25 लाख कॉपियों का मूल्यांकन 9 अप्रैल तक पूरा करना लक्ष्य है। पहली खेप में 65 हजार कॉपियां स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखी गई हैं। बाहरी लोगों के प्रवेश पर भी सख्ती से रोक लगाई गई है। इस बार शिक्षकों की ड्यूटी रद्द करने का अधिकार स्थानीय स्तर पर नहीं है। प्रशासन का फोकस—समयबद्ध और निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करना है।
टैलेंट हंट आयोजित
जगदलपुर. बस्तर की प्रतिभाएं अब स्थानीय मंच तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि राष्ट्रीय पहचान की ओर कदम बढ़ा रही हैं। इसी सोच के साथ शिक्षा प्रकाश पुंज संस्थान ने टैलेंट हंट आयोजित किया। गायन, नृत्य, मॉडलिंग और अभिनय में युवाओं ने दमदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों ने प्रतिभाओं का आकलन किया। आत्मविश्वास और प्रस्तुति के आधार पर 40 से ज्यादा युवाओं का चयन हुआ। इन चयनित प्रतिभाओं को अब मुंबई में खुद को साबित करने का मौका मिलेगा। संस्थान ने सिर्फ मंच ही नहीं, बल्कि आगे की मार्गदर्शन व्यवस्था भी की है। संस्थान प्रमुख ने कहा—बस्तर में प्रतिभा की कमी नहीं, मंच की जरूरत है। कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षणिक और कला क्षेत्र के 80 लोगों को सम्मानित किया गया। इस आयोजन ने युवाओं में नई उम्मीद और दिशा दोनों जगाई है। विजेताओं में मिस बस्तर, मिस्टर जगदलपुर सहित कई प्रतिभाएं शामिल रहीं। बस्तर के युवाओं का यह आत्मविश्वास अब बड़े मंच पर नजर आएगा।

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