बिलासपुर,
राष्ट्रीय डाक कर्मचारी संघ का द्विवार्षिक अधिवेशन एक निजी होटल में संपन्न हुआ। अधिवेशन में संगठन की मजबूती, कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और डाक विभाग की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में डाक कर्मचारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अधिवेशन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि संघ का पिछला द्विवार्षिक अधिवेशन 17 दिसंबर 2023 को बिलासपुर में आयोजित किया गया था, जबकि राष्ट्रीय स्तर का अधिवेशन 9 से 10 जून 2024 को उज्जैन में संपन्न हुआ था। इन अधिवेशनों में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, संगठन की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं पर व्यापक चर्चा की गई थी। कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों ने कहा कि डाक विभाग के कर्मचारी सीमित संसाधनों और कई प्रकार की चुनौतियों के बावजूद पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। तकनीकी समस्याएं, कार्यभार की अधिकता, कर्मचारियों की कमी और बदलते कार्य स्वरूप के बावजूद भी डाक कर्मचारी प्रशासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि डाक विभाग आज भी देश के दूर-दराज़ क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम को विशेष रूप से महिलाओं को समर्पित किया गया। महिला कर्मचारियों ने केक काटकर महिला दिवस का उत्सव मनाया और उत्कृष्ट योगदान के लिए महिला कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान महिला कर्मचारियों की भूमिका, उनके कार्य के प्रति समर्पण और संगठन में उनकी सक्रिय भागीदारी की सराहना की गई।
कार्यक्रम में बी. एस. राव, सुषमा वर्मा और एन. डी. लाल सहित अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल संगठन का संचालन करना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी के अधिकारों, सम्मान और हितों की रक्षा करना भी है। उन्होंने कहा कि संगठन कर्मचारियों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके समाधान के लिए भी निरंतर प्रयास करता है। साथ ही डाक विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना भी संगठन का प्रमुख लक्ष्य है।

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