आज के डिजिटल युग में हमारा घर बिजली के उपकरणों से भरा हुआ है। कभी मोबाइल खराब हो जाता है, तो कभी फ्रिज या माइक्रोवेव में तकनीकी खराबी आ जाती है। अक्सर हम इसे कंपनी की गलती या बिजली का फ्लक्चुएशन मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में गलत दिशा या गलत रख-रखाव भी इन मशीनों की उम्र कम कर सकता है। वास्तु विज्ञान के अनुसार, सभी बिजली के उपकरण अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं। यदि इन्हें सही दिशा में न रखा जाए, तो ये न केवल बार-बार खराब होते हैं, बल्कि घर में मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान का कारण भी बनते हैं। तो आइए जानते हैं वास्तु की उन 3 बड़ी गलतियों के बारे में जो आपके कीमती सामान को कबाड़ बना सकती हैं।
दक्षिण-पश्चिम दिशा का गलत इस्तेमाल
वास्तु के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम दिशा पृथ्वी तत्व की मानी जाती है, जो स्थिरता का प्रतीक है। यदि आप भारी इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे बड़ा टीवी, म्यूजिक सिस्टम या भारी मशीनें इस दिशा में रखते हैं, तो ठीक है। लेकिन यदि यहां बिजली के लूज तार, कटे-फटे केबल या हीटिंग वाले छोटे उपकरण रखे जाएं, तो वे बार-बार फ्यूज होते हैं। इस दिशा में नमी या पानी के पास बिजली के बोर्ड होना भी उपकरणों के लिए घातक साबित होता है।
ईशान कोण में भारी मशीनों का होना
घर का उत्तर-पूर्व कोना यानी ईशान कोण सबसे पवित्र और हल्का होना चाहिए। यहां जल तत्व का वास होता है। यदि आप इस दिशा में भारी जनरेटर, इन्वर्टर या बड़े हीटिंग उपकरण रखते हैं, तो अग्नि और जल का मेल हो जाता है। यह टकराव न केवल मशीनों को खराब करता है, बल्कि घर के सदस्यों की सेहत पर भी बुरा असर डालता है।
खराब सामान को घर में जमा करके रखना
यह सबसे आम और गंभीर गलती है। वास्तु शास्त्र कहता है कि जो इलेक्ट्रॉनिक सामान काम नहीं कर रहे या टूट चुके हैं, उन्हें तुरंत घर से बाहर कर देना चाहिए। बंद घड़ी, खराब पड़ा रेडियो या पुराना मोबाइल घर में 'राहु' के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा घर के अन्य अच्छे उपकरणों को भी खराब करने लगती है और परिवार में कलह का कारण बनती है।

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