नई दिल्ली
धातु से बनी कछुए की मूर्ति को घर में रखना वास्तु और फेंगशुई दोनों की ही दृष्टि से काफी शुभ माना गया है। वास्तु शास्त्र में कछुए को सुख, समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। अगर वास्तु नियमों का ध्यान रखते हुए आप कछुए की मूर्ति को अपने घर में रखते हैं, तो इससे आपको अद्भुत परिणाम मिल सकते हैं।
क्या है सही दिशा
वास्तु शास्त्र में माना गया है कि घर में धातु का कछुआ रखने के लिए उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा सबसे उत्तम है। यह दिशा में इस मूर्ति को रखने से सौभाग्य और समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही करियर में स्थिरता लाती है। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि कछुए का मुख हमेशा घर के अंदर की ओर होना चाहिए, बाहर की तरफ नहीं। इस बातों का ध्यान रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
इन बातों का रखें खास ख्याल
कछुए की मूर्ति ऐसी होनी चाहिए जिसे आप पानी में रख सकें। पानी में रखा कछुआ वास्तु के अनुसार, अच्छे परिणाम देता है।
कछुए वाले पात्र का पानी रोजाना बदलना चाहिए, क्योंकि साफ पानी से सकारात्मकता बनी रहती है।
कछुए की मूर्ति को ऐसे स्थान पर रखें जहां पर्याप्त रोशनी हो। इसे भूलकर भी अंधेरे वाले स्थान पर नहीं रखना चाहिए। वास्तु की दृष्टि से ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता और इससे मूर्ति से मिलने वाला लाभ भी कम हो सकता है।
कछुआ रखने के अद्भुत लाभ
अगर आप वास्तु के नियमों का ध्यान रखते हुए अपने घर में कछुए की मूर्ति को रखते हैं, जो इससे आपको कई फायदे मिल सकते हैं जैसे –
घर में सुख-शांति बनी रहती है और व्यक्ति के सौभाग्य में वृद्धि होती है।
कछुए की मूर्ति घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखती है।
सही दिशा और स्थान पर रखी हुए कछुए की मूर्ति आपको करियर और व्यापार के लिए भी लाभ पहुंचाती है।
किस धातु का होना चाहिए कछुआ
वास्तु शास्त्र में माना गया है कि आप अपनी सुविधा के अनुसार, घर में पीलत, सोने या चांदी से बना कछुआ रख सकते हैं, जो बहुत ही शुभ माने जाते हैं। इसके साथ ही क्रिस्टल का कछुआ रखना भी काफी शुभ माना गया है। साथ ही वास्तु शास्त्र में यह भी बताया गया है कि आप बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार के दिन अपने घर में कछुए की मूर्ति ला सकते हैं, जिससे आपको विशेष लाभ मिलता है।

More Stories
हिंदू नववर्ष 2026: कौन सा संवत होगा शुरू और आपके जीवन पर क्या पड़ेगा असर?
पंचक-खरमास के बीच होगी नवरात्रि कलश स्थापना, जानें कितना मिलेगा शुभ मुहूर्त
Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र में मां दुर्गा की चौकी किस दिशा में रखें? जानें सही वास्तु नियम