नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली में कल से वर्ल्ड टेलीकम्युनिकेशन स्टैंडर्डाइजेशन असेंबली (WTSA) की बैठक शुरू हो रही है, जो 24 अक्टूबर तक चलेगी। इस सम्मेलन में 190 देशों के प्रतिनिधि 6G और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे। यह पहली बार है जब भारत में इतने देशों के प्रतिनिधि एक साथ आकर टेक्नोलॉजी पर बात करेंगे। एशिया में भी इससे पहले ऐसा आयोजन नहीं हुआ है।
आजकल हाई स्पीड इंटरनेट की मांग तेजी से बढ़ रही है। लोग और तेज स्पीड चाहते हैं। भारत में फिलहाल 4G और 5G इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध हैं, और अब देश 6G इंटरनेट सर्विस की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत जल्द से जल्द 6G हाई स्पीड इंटरनेट सेवा शुरू करने की योजना बना रहा है। भारत ने ग्लोबल पेटेंट फाइलिंग में शीर्ष-6 देशों में अपनी जगह बना ली है, जो दिखाता है कि देश तकनीक के क्षेत्र में कितना आगे बढ़ चुका है। कई कंपनियां 5G इंटरनेट सेवाएं शुरू कर चुकी हैं, जबकि अन्य कंपनियां 4G सेवाएं दे रही हैं और जल्द ही 5G में प्रवेश करेंगी।
दिल्ली में इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) के सहयोग से WTSA का यह सम्मेलन आयोजित हो रहा है, जो सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के विकास और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए काम करता है। भारत के लिए यह सम्मेलन महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे देश को अन्य देशों के साथ सहयोग करने का मौका मिलेगा और अपने तकनीकी मानकों को विकसित करने में मदद मिलेगी। 6G मोबाइल नेटवर्क टेक्नोलॉजी भविष्य की नई पीढ़ी है, जो 5G से कई गुना तेज और अधिक सुरक्षित होगी, जिससे काम करना और भी आसान हो जाएगा।

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